Women Entrepreneurs: जेम पोर्टल पर महिलाओं ने किया 28 हजार करोड़ का कारोबार, सरकारी खरीद में कैसे बढ़ा दबदबा?

सरकारी ई-मार्केटप्लेस यानी जेम पोर्टल सरकारी खरीद का बड़ा डिजिटल मंच बन चुका है। इसकी शुरुआत से अब तक यहां करीब 20 लाख करोड़ रुपये की खरीदारी हुई है। इसमें महिला संचालित सूक्ष्म और लघु उद्योगों से 28 हजार करोड़ रुपये से अधिक की खरीद हुई। आखिर महिला उद्यमियों की सरकारी खरीद में इतनी बड़ी हिस्सेदारी कैसे बनी और जेम पोर्टल उनके कारोबार के लिए कितना बड़ा बाजार बन चुका है?

सरकारी खरीद में अब महिला उद्यमियों की हिस्सेदारी भी तेजी से बढ़ रही है। सरकारी ई-मार्केटप्लेस यानी जेम पोर्टल के जरिए सरकारी विभागों ने महिला संचालित सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों से शुरुआत से अब तक 28 हजार करोड़ रुपये से अधिक की खरीदारी की है। जेम के 10वें स्थापना दिवस पर जारी सालाना रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि देश में सरकारी खरीदारी का ढांचा अब पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी हो चुका है।

जेम पोर्टल पर कितना बड़ा कारोबार हुआ?

जेम पोर्टल पर इस समय 1.37 लाख सरकारी खरीदार मौजूद हैं। इन खरीदारों ने करीब 25 लाख विक्रेताओं से कारोबार किया है। पोर्टल के जरिए अब तक करीब 20 लाख करोड़ रुपये की कुल सरकारी खरीदारी हो चुकी है। इनमें देशभर के सूक्ष्म और लघु उद्योगों की बड़ी भागीदारी है। खास बात यह है कि 2.1 लाख से अधिक ऐसे सूक्ष्म एवं लघु उद्योग हैं, जिन्हें महिलाएं चला रही हैं।

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महिला उद्यमियों के लिए जेम कितना बड़ा बाजार बना?

महिला संचालित उद्योगों से 28 हजार करोड़ रुपये से अधिक की खरीदारी होना इस बात को दिखाता है कि सरकारी विभागों के लिए ये कारोबारी महत्वपूर्ण आपूर्तिकर्ता बन रहे हैं। जेम पोर्टल ने सरकारी खरीद और कारोबारियों के बीच एक डिजिटल रास्ता बनाया है। इससे महिला उद्यमियों को सरकारी विभागों तक अपने उत्पाद और सेवाएं पहुंचाने का मौका मिला है।विज्ञापन

सरकारी खरीद में भारतीय सेना सबसे आगे कैसे रही?

मेक इन इंडिया और डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देने में रक्षा क्षेत्र की भूमिका भी सामने आई है। जेम पोर्टल से हुई करीब 20 लाख करोड़ रुपये की कुल खरीदारी में अकेले भारतीय सेना ने 1.35 लाख करोड़ रुपये के सामान और सेवाओं की खरीद की है। रिपोर्ट के अनुसार जेम पोर्टल से हुई कुल सरकारी खरीदारी में सेना की हिस्सेदारी 14.93 फीसदी रही। इससे सरकारी खरीद में सेना की बड़ी भूमिका का पता चलता है।

कर्नाटक के कितने एमएसएमई जेम पर पंजीकृत?

देशभर में जेम पोर्टल पर 11.75 लाख एमएसएमई पंजीकृत हैं। इनमें सबसे ज्यादा 55,053 एमएसएमई कर्नाटक के हैं। कर्नाटक के कुल विक्रेताओं में बंगलूरू की हिस्सेदारी भी काफी बड़ी है। राज्य के कुल विक्रेताओं में से 16,091 उद्यमी अकेले बंगलूरू से हैं। यह आंकड़ा बताता है कि डिजिटल सरकारी खरीद में कर्नाटक और खासकर बंगलूरू की कारोबारी भागीदारी मजबूत है।

महिला उद्यमियों के पंजीकरण में कर्नाटक की स्थिति क्या?

जेम पोर्टल पर कुल 2,17,155 महिला उद्यमी पंजीकृत हैं। इनमें अकेले कर्नाटक की 10,896 महिलाएं शामिल हैं। कर्नाटक में पंजीकृत महिला उद्यमियों में 3,052 महिलाएं बंगलूरू से हैं। इस तरह बंगलूरू महिला कारोबारियों के लिए भी जेम पोर्टल पर एक प्रमुख कारोबारी केंद्र के तौर पर सामने आया है। सरकारी खरीद में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी उनके कारोबार के विस्तार के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

Source: https://www.amarujala.com/business/business-diary/women-entrepreneurs-28000-crore-business-on-gem-how-did-their-share-in-government-procurement-grow-so-big-2026-08-13

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